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Zindagi Aur Bata Tera Irada Kya Hai?


Zindagi Aur Bata Tera Irada Kya Hai?
Ek Hasrat thi ki uska Mujhe Pyar mile
Mai ne Manzil ko Talasha, Mujhe Bazaar mile
Zindagi Aur Bata Tera Iraada Kya Hai?
Jo b Taqdeer banata hoon, Bigar jaati hai
Dekhte Dekhte Dunya hi Ujar jaati hai
Meri Kashti, Tera Toofaan se Wadakya hai
Zindagi Aur Bata Tera Iraada Kya Hai?
Tu ne jo Dard dya, uski Qasam khata hoon
Itna zyaada hai ke, Ehsaas daba jata hoon
Meri Taqdeer bata, Aur Takaaza kya hai?
Zindagi Aur Bata Tera Iraada Kya Hai?
Mai ne Jazbaat k Sang khelte Daulat dekhi
Apni Aankhon se Mohabbat ki Tijaarat dekhi
Aisi Dunya mai Mere waaste rakhakya hai?
Zindagi Aur Bata Tera Iraada Kya Hai?
Aadmi chahe to Taqdeer badal sakta hai
Poori Dunya ki wo Tasveer badal sakta hai
Aadmi soch to le, uska Iraada kya hai?
Zindagi Aur Bata Tera Iraada Kya Hai?
Ek Hasrat thi k uska Mujhe Pyaar mile
Mai ne Manzil ko Talasha, Mujhe Bazaar mile
Zindagi Aur Bata Tera Iraada Kya Hai?

हम प्यार का ये मंजर दुनिया को दिखायेंगे


हम प्यार का ये मंजर दुनिया को दिखायेंगे
हर अपने मुखालिफ को सीने से लगायेंगे

उम्मीद नहीं उनसे मिल जाये वो जीते जी
हो जाऊंगा जब रूखसत तब देखने आयेंगे

वाकिफ ही ना थे इससे मालूम ना था हमको
अपना जिन्हें समझा हैं वो हमको सतायेंगे

इस रस्म-ए-मुहब्बत को रखना हैं हमें कायम
सौ बार वो रूठेंगे सौ बार मनायेंगे

मुमकिन हैं तरस हम पर आ जाये वैभव उनको
अफसाना-ए-गम अपना एक रोज सुनायेंगे...

ये कौन सा देश है





ये सोने की चिड़िया भारत था,
अब देश बना कंगालों का है।
चन्द्रगुप्त का अद्भुत भारत,
अब देश बना गद्दारों का है॥


नेतृत्व नैतिकता भूल चुका है,
जनता मूर्ख बनी बस सोती है।
अपने अधिकारों को आश्वासन के,
चरणामृत में घोलकर पीते हैं॥


उन पर लिखने की कोशिश क्यों हो?
क्यों हो उन पर लेखनी व्यस्त?
जो सोते महलों में लूटें भारत,
मानवता त्याग बने हैं धनपरस्त॥


ये कलम चलेगी अब जी भर कर,
दीनों हीनों के घावों से रिसकर।
अब बरसेगी उनकी भावना प्रखर, 
माँ सरस्वती के रूपों में सजकर॥

मेरी दुआ है रब से, कि पूरी हो आरजू तेरी,

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मेरी दुआ है रब से, कि पूरी हो आरजू तेरी,
मेरी अल्तजा है उस खुदा से, मोहब्बत मेरी,
मुझे तू मिले, ना मिले, अब ये किस्मत मेरी,
फिर भी तुझको मिले अब तो चाहत तेरी॥


इन दिनों हमें शौक है, याद करना तुम्हें,
और तुम्हारी आदत है, भूल जाना हमें,
तुझे हिचकी का आना है हरकत मेरी
फिर भी तुझको मिले अब तो चाहत तेरी॥


ये आज कल अश्क बहाना है हरकत मेरी,
फिर भी तुझको मिले अब तो चाहत तेरी॥

मैंने सच देखा

बिन चप्पल भरी दुपहरी देखा,
सर्दी में तन की गठरी देखा,
देखा मानव को नंगा फिरते,
मानवता को अंधा बहरा देखा॥


कौओं का रंग सुनहरा देखा,
पशुओं का महलों में डेरा देखा,
धन की भूख है इतनी ज्यादा, घर में दुश्मन का पहरा देखा॥

ये जिन्दगी भी कितनी मासूम होती है, हमारे स्वप्नों से कितनी अनजान होती है,


ये जिन्दगी भी कितनी मासूम होती है,
हमारे स्वप्नों से कितनी अनजान होती है,
जब उत्पन्न होती है तो खुशहाल करती है,
अरु मौत पर हँस मनु का उपहास करती है॥

मानव से हँसने की भी कीमत वसूलती है,
कभी कभी तो वेपनाह रूला ही देती है,
छोटी छोटी बातों मे खुशी देती है,
पल भर में आँसू भी पोंछ लेती है ॥

कभी किसी चेहरे को मिटने नही देती,
हमारी यादों से यूँ ही हटने नहीं देती,
कुछ लोग भूल जाते हैं माँ बाप को भी,
कभी अनजान को आँखो से हिलने नही देती ॥

कभी इन्सान को थोडा सहारा देती है,
कभी लँगडे की बैशाखियाँ भी छीन लेती है,
कभी इन्सान को जीने के बहाने देती है,
कभी मौत की भी इक वजह छोड देती है॥

इन्सान को बना कठपुतली ऐसे नचाती है,
कभी जिन्दगी से जिन्दगी यूँ ही बनाती है,
कभी काल का बस रूप धर ऐसे घुमाती है,
कि जिन्दगी से जिन्दगी को बस मौत आती है॥

सबको फ़ँसाकर जिन्दगी आह्लाद करती है,
इठलाकर निर्माण और संहार करती है,
कभी नवजीवन की खुशी मे लीन होती है,
फ़िर भी मनुष्य से बस अनजान रहती है॥

ये जिन्दगी भी कितनी मासूम होती है ।

जिस दिल में बसा था प्यार तेरा, उस दिल को कभी का तोड़ दिया


http://www.moodexpert.com/wp-content/uploads/2011/01/Love-at-First-Sight1.jpg

जिस दिल में बसा था प्यार तेरा, उस दिल को कभी का तोड़ दिया
बदनाम न होने देंगे तुझे , तेरा नाम ही लेना छोड़ दिया


जब याद कभी तुम आओगे , समझेंगे तुम्हे चाहा ही नहीं
राहों में अगर मिल जाओगे सोचेंगे तुम्हे देखा ही नहीं.


जो दर पे तुम्हारे जाती थी, उन राहों को हमने मोड़ दिया
जिस दिल में बसा था प्यार तेरा, उस दिल को कभी का तोड़ दिया


हम कौन किसी के होतें हैं , कोई हमको याद करेगा क्यूँ .
अपने दो आंसू भी हम पर , कोई बर्बाद करेगा क्यूँ .


उस मांझी को भी गिला हमसे, मझधार में जिसने छोड़ दिया.
जिस दिल में बसा था प्यार तेरा, उस दिल को कभी का तोड़ दिया

बदनाम न होने देंगे तुझे , तेरा नाम ही लेना छोड़ दिया

उसे भूल जाने के सिवा कोई रास्ता भी नही ....

http://www.moodexpert.com/wp-content/uploads/2011/01/Love-at-First-Sight1.jpg
उसे भूल जाने के सिवा कोई रास्ता भी नही ....
पर कैसे भूल जाऊ वो कोई हादसा तो नही........

हसीन उसके जैसे हजारो होंगे जमाने में ....
मगर मेरी निगाहों में उसके सिवा कोई भी नही .......

मै तो सजाये रहता हूँ खामोश होठो पर भी नाम उसका ..
पर उसके होठो पर मेरा नाम भूल से आता भी नही ...

वो है की मेरे ख्यालो की दहलीज़ पर से वो कभी जाता ही नही ....
एक वो ही है की कभी प्यार से मुझे एक बार देखता भी नही ......

जला लिए हाथ ये सोचकर की वो मेरी लकीरों में नही ....
मगर कैसे हासिल करूं उसे -उसकी लकीरों में तो मेरा जिक्र भी नही ...

मै कहने भर के लिए सूरज (रवि ) रह गया हूँ दोस्तों ...
यूँ तो मेरे पास बुझे चिराग जितनी रोशनी भी नही .......


कब कोन किसी का होता है,


कब कोन किसी का होता है,
सब झुठे रीश्ते नाते है.

सब दिल रखने की बातेँ है,
सब असली रुप छिपाते है.

झुठ से खाली लोग यहा,
लब्झो के तीर चलाते है,

ईक बार निगाहो मे आ कर,
फिर सारी उमर रुलाते है

चलो आज जिसने दुख दिया "माही",
उसे भुल जाते है.

खुदा को दिख रहा होगा

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खुदा को दिख रहा होगा. ना दिल तुझसे जुदा होगा.
तेरी तकदीर मे मुझको वो अब तो लिख रहा होगा.

खुदा को दिख रहा होगा. ना दिल तुझसे जुदा होगा.
तेरी तकदीर मे मुझको वो अब तो लिख रहा होगा.
तेरा ही बस होना चाहूँ, तेरे दर्द मे रोना चाहूँ.
तेरे दिल के इन ज़ख्मो पे, मरहम मैं होना चाहूँ.
तेरा ही बस होना चाहूँ, तेरे दर्द मे रोना चाहूँ.
तेरे दिल के इन ज़ख्मो पे, मरहम मैं होना चाहूँ.


(कर ले कबूल खुदाया मेरे सजदे.
अब तो नसीब मे उसे लिख दे.
हो, कर ले कबूल खुदाया मेरे सजदे.
अब तो नसीब मे उसे लिख दे.)

तू फिर ना सोया होगा, शायद फिर रोया होगा.
तू फिर ना सोया होगा, शायद फिर रोया होगा.
आंसू मेरी पलकों पे, यु ही ना आया होगा.
देना मुझको आवाजें, या सून मेरी फरियादें.
घेरे है मुझको यादें बिन .. ते..रे.
तुझे ही बस पाना चाहूँ. खुदको मैं खोना चाहूँ.
तेरे दिल के इन ज़ख्मो पे, मरहम मैं होना चाहूँ.
तेरा ही बस होना चाहूँ, तेरे दर्द मे रोना चाहूँ.
तेरे दिल के इन ज़ख्मो पे, मरहम मैं होना चाहूँ.

(खुदा को दिख रहा होगा. ना दिल तुझसे जुदा होगा.
तेरी तकदीर मे मुझको वो अब तो लिख रहा होगा.)

दिल ने इबादत की है, तेरी बस चाहत की है.
दिल ने इबादत की है, तेरी बस चाहत की है.
लिखा आया अर्जियों मे, तुझ बिन जीना नहीं है.
मुझमे अब मैं कहा हूँ, तुझमे रहने लगा हूँ.
मैं तो बस जी रहा हूँ बिन .. मे..रे.
तुझे ख्वाब मे दिखना चाहूँ, तेरी साँस मे खोना चाहूँ.
तेरे दिल के इन ज़ख्मो पे, मरहम मैं होना चाहूँ.
तेरा ही बस होना चाहूँ, तेरे दर्द मे रोना चाहूँ.
तेरे दिल के इन ज़ख्मो पे, मरहम मैं होना चाहूँ.

(खुदा को दिख रहा होगा. ना दिल तुझसे जुदा होगा.
तेरी तकदीर मे मुझको वो अब तो लिख रहा होगा.)

तुम अगर नहीं आयीं, गीत गा ना पाऊँगा|


तुम अगर नहीं आयीं, गीत गा ना पाऊँगा
साँस साथ छोडेगी, सुर सजा ना पाऊँगा|

तान भावना की है, शब्द-शब्द दर्पण है,
बाँसुरी चली आओ, होट का निमन्त्रण है|


तुम बिना हथेली की हर लकीर प्यासी है,
तीर पार कान्हा से दूर राधिका सी है|


दूरियाँ समझती हैं दर्द कैसे सहना है?
आँख लाख चाहे पर होठ को ना कहना है|

औषधी चली आओ, चोट का निमन्त्रण है, 
बाँसुरी चली आओ होठ का निमन्त्रण है|

तुम अलग हुयीं मुझसे साँस की खताओं से,
भूख की दलीलों से, वक़्त की सजाओं ने|

रात की उदासी को, आँसुओं ने झेला है,
कुछ गलत ना कर बैठे मन बहुत अकेला है|

कंचनी कसौटी को खोट ना निमन्त्रण है
बाँसुरी चली आओ होठ का निमन्त्रण है|

Kehte hai mujko pyar karna nai aatha

Shayari


Kehte hai mujko pyar karna nai aatha,
kya sabooth dhu mere pyar ki,
uss ki yaad me hasna bhulgaya,
uss ki pyaar me khudh ko pehchanna paaya…

Har khushi Hai Logon Ke Daman Mein...

  Har khushi Hai Logon Ke Daman Mein,
Par Ek Hansi Ke Liye Waqt Nahi.

Din Raat Daudti Duniya Mein,
Zindagi Ke Liye Hi Waqt Nahi.

Maa Ki Loree Ka Ehsaas To Hai,
Par Maa Ko Maa Kehne Ka Waqt Nahi.

Saare Rishton Ko To Hum Maar Chuke,
Ab Unhe Dafnane Ka Bhi Waqt Nahi.

Saare Naam Mobile Mein Hain,
Par Dosti Ke Lye Waqt Nahi.

Gairon Ki Kya Baat Karen,
Jab Apno Ke Liye Hi Waqt Nahi.

Aankhon Me Hai Neend Badee,
Par Sone Ka Waqt Nahi.

Dil Hai Ghamon Se Bhara Hua,
Par Rone Ka Bhi Waqt Nahi.

Paison ki Daud Me Aise Daude,
Ki Thakne ka Bhi Waqt Nahi.

Paraye Ehsason Ki Kya Kadr Karein,
Jab Apane Sapno Ke Liye Hi Waqt Nahi.

Tu Hi Bata E Zindagi,Iss Zindagi Ka Kya Hoga,
Ki Har Pal Marne Walon Ko,Jeene Ke Liye Bhi Waqt Nahi.

Main unhain chor doon aur kuch na kahay...



mai.n u.nhe.n chhe.Duu.N aur kuch na kahe.n
chal nikalate jo mai piye hote

qahar ho yaa balaa ho, jo kuchh ho
kaash ke tum mere liye hote

merii qismat me.n Gam gar itanaa thaa
dil bhii yaa rab kaii diye hote

aa hii jaataa vo raah par 'Ghalib'
koii din aur bhii jiye hote

rahiye ab aisii jagah chalakar jahaa.N koii na ho...


rahiye ab aisii jagah chalakar jahaa.N koii na ho
hamasuKhan koii na ho aur hamazabaa.N koii na ho

bedar-o-diivaar saa ik ghar banaayaa chaahiye
koii hamasaayaa na ho aur paasabaa.N koii na ho

pa.Diye gar biimaar to koii na ho tiimaaradaar
aur agar mar jaaiiye to nauhaa_Khvaa.N koii na ho

Dard ke phool bhi khilte hai ...

Dard ke phool bhi khilte hai bikhar jaate hai,
ZaKhm kaise bhi ho kuch roz mein bhar jaate hai,

Us dariche mein bhi ab koi nahi aur hum bhi,
Sar jhukaye huye chup chaap guzar jaate hai,

Raasta roke khaDi hai yahi ulajhan kab se,
Koi poochhe to kahe kya ki kidhar jaate hai,

Naram awaaz bhali baatein mohazzab lahaje,
Pahli baarish mein hi ye rang utar jaate hai

Kuch is terha guzarti ab, humaari har shaam hai





Kuch is terha guzarti ab, humaari har shaam hai,
Ek haath tasveer unki to, aik haath jaam hai!

Bekaar hai yaad dilana ,k shaye ye haraam hai,
Sab kuch bhool jaate hain ,jab koi leta unka naam hai!

Hum to yehi kahenge, Mai be-wajah badnaam hai,
Dard-e-dil se humko to , pahunchaati ye araam hai!

Tabaah kerti hai sharaab, ghalat is per ilzaam hai,
Madadgaar ka badnaam hona to, qudrat ka nizaam hai!

Hum ghamkhaaron ka mai ko, Tah-e-dil se salaam hai,
Bina iske to khudaa jaane, kya humara anjaam hai!


Gham tum laate ho zindagi mein humaare




Gham tum laate ho zindagi mein humaare,
wo zakhm aane he nahi deti,
khushi ko to ek pal mein bikher dete ho tum humaari,
wo to khushi ko jaane he nahi deti,
hosh mein laa-laa kar tum hosh udaati ho humaare,
wo sharaab to hosh mein aane he nahi deti…

“SHARAAB”





Duriyaa Aasani Se Mitati Hai “SHARAAB”,
Majburiyon Ko Nashe Me Nachati Hai “SHARAAB”….

Aansuwo Ko Mila De Tu Apne Har Ek Jaam ME,
Fir Dekh Kaise Yaadon Ko Aur Kareeb Lati Hai “SHARAAB”…..

Thake Chuke Hai Jo Is Duniya Ke Sitamo Se,
Unhe Do Pal Ki Rahat Dilati Hai “SHARAAB”…..

Pankh Laga Ke Aasmaan Me Ud Jaate Hai Jo Panchi,
Do Ghoot Me Unhe Baho Me La Sakti Hai “SHARAAB”…..

Jiss Ka Hath Sari Duniya Chod Deti Hai,
Unke Hatho Me Aksar Paayi Jati Hai “SHARAAB”….

Kabhi Bhi Apne Gumon Ko Bhulna Ho To Keh Dena,
Kitne Bhi Bade Gum Me Kisiko Bhi Hasati Hai “SHARAAB”