भगवान का नाम..


















भगवान का नाम ..
बचपन से सुनता आया हू
वो सबकी रक्षा करता है
मैं उसे ढूँड रहा हू,
कुछ लोग कहते है वो नही है
मैं मंदिर जाता हू..
मुझे मिलता है..
मैं उस से बात करता हू
वो सुनता है..
मैं लौट आता हू..
भगवान से मैने कहा तो था..फिर भी
सब वैसा ही है, कुछ बदलता क्यो नही
मा बोल ही रही थी...
आजकल सब माल नक़ली मिलता है
बनिया भी चालबाज़ है..
भगवान पर भरोसा तो है
वो नक़ली नही हो सकते
पर अगर हुए तो..
एक काम करता हू..
देख लेता हू
फिर मंदिर में जाकर...