चाहने वाला मेरा जब बेवफा हो जायेगा
तो किसी दूजे से मेरा राब्ता हो जायेगा
तू जो रुठा तो मनाने का हुनर आ जायेगा
रुठने से तेरे मेरा फायदा हो जायेगा
तुम बड़े या हम बड़े इस बहस मेँ रक्खा है क्या
आइये मैदान मेँ ये फैसला हो जायेगा
नीँद उसकी ख़्वाब उसके ज़िक्र उसका हर घड़ी
रफ़्ता रफ़्ता ये उसी मेँ गुमशुदा हो जायेगा
झूठ के दरबार मेँ सच बोलता है किसलिए
सबकी नज़रोँ मेँ दिवाने तू बुरा हो जायेगा
तू भी अब वैसा नहीँ और मैँ बदल सकता नहीँ
अब हमारे दरम्याँ भी फासिला हो जायेगा
मैँ मिटा किसके लिये, कैसे मिटा, क्योँकर मिटा
वक्त आने पर तुझे ख़ुद तर्जुबा हो जायेगा
फिर चुभेँगे फूल भी पैरोँ मेँ काँटोँ की तरह
एक दिन जब तू अचानक ही जुदा हो जायेगा
जितना भी चर्चा है मेरा जितनी शोहरत है मेरी
तू मेरी हो जा मेरा सब कुछ तेरा हो जायेगा
तो किसी दूजे से मेरा राब्ता हो जायेगा
तू जो रुठा तो मनाने का हुनर आ जायेगा
रुठने से तेरे मेरा फायदा हो जायेगा
तुम बड़े या हम बड़े इस बहस मेँ रक्खा है क्या
आइये मैदान मेँ ये फैसला हो जायेगा
नीँद उसकी ख़्वाब उसके ज़िक्र उसका हर घड़ी
रफ़्ता रफ़्ता ये उसी मेँ गुमशुदा हो जायेगा
झूठ के दरबार मेँ सच बोलता है किसलिए
सबकी नज़रोँ मेँ दिवाने तू बुरा हो जायेगा
तू भी अब वैसा नहीँ और मैँ बदल सकता नहीँ
अब हमारे दरम्याँ भी फासिला हो जायेगा
मैँ मिटा किसके लिये, कैसे मिटा, क्योँकर मिटा
वक्त आने पर तुझे ख़ुद तर्जुबा हो जायेगा
फिर चुभेँगे फूल भी पैरोँ मेँ काँटोँ की तरह
एक दिन जब तू अचानक ही जुदा हो जायेगा
जितना भी चर्चा है मेरा जितनी शोहरत है मेरी
तू मेरी हो जा मेरा सब कुछ तेरा हो जायेगा