मेरे दुख की कोई दवा न करो

मेरे दुख की कोई दवा न करो
मुझ को मुझ से अभी जुदा न करो


नाख़ुदा को ख़ुदा कहा है तो फिर
डूब जाओ, ख़ुदा ख़ुदा न करो


ये सिखाया है दोस्ती ने हमें
दोस्त बनकर कभी वफ़ा न करो


इश्क़ है इश्क़, ये मज़ाक नहीं
चंद लम्हों में फ़ैसला न करो


आशिक़ी हो या बंदगी 'फ़ाकिर'
बे-दिली से तो इबतिदा न करो